आकाशादित्य लामा ने वर्ष 1997 में विज्ञापन फिल्मों (Ad Films) में सहायक के रूप में अपने फिल्म और टेलीविजन करियर की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने “गदर: एक प्रेम कथा” जैसी फीचर फिल्मों में भी कार्य किया। वे एक फिल्म निर्देशक, पटकथा लेखक, संवाद लेखक, रंगमंच कलाकार और नाटककार हैं।
उनके निर्देशन में बनी पहली फिल्म “सिगरेट की तरह” थी, जिसमें प्रशांत नारायणन, मधुरिमा तुली और युविका चौधरी ने अभिनय किया। इसके बाद उन्होंने पहली आधिकारिक नागामीज़ भाषा की फिल्म “नानी तेरी मोरनी” का लेखन और निर्देशन किया। यह फिल्म वर्ष 2015 के राष्ट्रीय बाल वीरता पुरस्कार की सबसे कम उम्र की विजेता म्होनबेनी एजुंग के जीवन पर आधारित है। इस फिल्म का चयन कई अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोहों के साथ-साथ इंडियन पैनोरमा (IFFI गोवा 2018) में हुआ तथा वर्ष 2022 में यूनिसेफ द्वारा भी प्रदर्शित किया गया।
उनकी अगली व्यावसायिक फिल्म “तौबा तेरा जलवा” वर्ष 2024 की पहली सिनेमाघरों में रिलीज़ होने वाली फिल्म थी, जिसमें अमीषा पटेल, नीरज सूद, राजेश शर्मा, एंजेला क्रिंज़लिस्की सहित कई कलाकारों ने अभिनय किया। सीमित सिनेमाघर रिलीज़ के बावजूद इसे दर्शकों और समीक्षकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली। यह फिल्म जल्द ही ओटीटी पर रिलीज़ होने वाली है।
मार्च 2024 में उनकी अगली फिल्म “बंगाल 1947” रिलीज़ हुई, जो उनके चर्चित नाटक “शबरी का मोहन” से प्रेरित है। सिनेमाघरों और फिल्म समारोहों में सराहना मिलने के बाद यह फिल्म अब Amazon Prime Video पर स्ट्रीम हो रही है।

उनकी आगामी फिल्म “दुल्हनियाँ ले आएगी” पोस्ट-प्रोडक्शन में है, जिसमें खुशाली कुमार, महेश मांजरेकर, पीयूष मिश्रा, स्नेहिल दीक्षित मेहरा, ओंकार कपूर सहित कई कलाकार अभिनय कर रहे हैं।
आकाशादित्य लामा ने राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्म “लाहौर” के लिए अतिरिक्त संवाद लिखे हैं। उन्होंने मेगा बजट साइंस फिक्शन फिल्म “चंदा मामा दूर के” की पटकथा और संवाद भी लिखे हैं। इसके अलावा उन्होंने प्रसिद्ध फिल्मकार प्रियदर्शन द्वारा निर्देशित वेब सीरीज़ “अपने राम” में क्रिएटिव प्रोड्यूसर के रूप में कार्य किया।
उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसित हिंदी नाटक “मोहनजोदड़ो” का लेखन और निर्माण भी किया है।
आकाशादित्य लामा ने भारतीय और इंडोनेशियाई टेलीविजन के लिए 3000 से अधिक एपिसोड लिखे हैं। उनके प्रमुख धारावाहिकों में कुसुम, कुमकुम, ज़ारा, झिलमिल सितारों का आंगन होगा, आक्रोश, कभी आए ना जुदाई, प्यार के दो नाम: एक राधा एक श्याम, सेलिना ब्लू जीन, अकुला मिकी आदि शामिल हैं।
लेखन और निर्देशन के अलावा, आकाशादित्य लामा भारत सरकार की विभिन्न सांस्कृतिक और फिल्म संस्थाओं में सदस्य और निर्णायक (ज्यूरी) के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। इनमें केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC), भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (ICCR), संस्कृति मंत्रालय की वित्तीय अनुदान समिति, राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार 2018, IFFI गोवा 2019 एवं 2021, CCRT चयन समिति 2022 एवं 2023, तथा भारत रंग महोत्सव चयन समिति 2023 एवं 2024 शामिल हैं।

