
उत्तराखंड का गुणगान
जय बद्री धाम, जय केदार धाम,
जय गंगोत्री धाम, जय यमुनोत्री धाम…..
ये हैं भारत-माँ की आन-बान और शान,
जहाँ चारों हैं ये पवित्र धाम, वो उत्तराखंड का है स्वाभिमान…
जय बद्री धाम, जय केदार धाम,
जय गंगोत्री धाम, जय यमुनोत्री धाम….
जिसके हर खण्ड में भगवान, वहां देवी देवताओं का सम्मान …
वो देव-भूमि का है स्थान, जो उत्तराखंड की है शान
जय बद्री धाम, जय केदार धाम,
जय गंगोत्री धाम, जय यमुनोत्री धाम…..
जहाँ अलकनंदा, मंदाकिनी, भागीरथी नदियों का जलपान….
वो गंगाजल का अमृतपान ….
जय बद्री धाम, जय केदार धाम,
जय गंगोत्री धाम, जय यमुनोत्री धाम….
जिसकी मिट्टी का गुणगान, उसी मिट्टी का वीर जवान….
जिसने देश को दिया बलिदान, वो उत्तरखंड का सपूत महान…
उन वीरों को मेरा कोटि कोटि प्रणाम….
मेरा कोटि कोटि प्रणाम….
मेरा कोटि कोटि प्रणाम
जय बद्री धाम, जय केदार धाम ,
जय गंगोत्री धाम, जय यमुनोत्री धाम……
©®सुनील जुयाल
उत्तराखंड
