*गर्मिन बिगाड़ी काम*
( व्यंग्यात्मक )
सैडा गौं मा खूब रौला मच्यूं
ईं गर्मि बल फगणू कू ब्यौ जुड्यूं
छ्वटा बड़ा सब तैयारी मा लग्यां
अर ब्यौला भि खूब उतौलूं होयूँ
अर सैडा गौं मा खूब रौला मच्यूं
ईं गर्मि बल फगणू कू ब्यौ जुड्यूं।
ब्यौ कू दिन नजदीक ऐगी
गौं मा सब चिट्ठी बटेगी
मेहमानों कू भी स्वागत होणू
अर सैडा गौं मा खूब रौला मच्यूं
ईं गर्मि बल फगणू कू ब्यौ जुड्यूं।
बराती की ह्वेगी तैयारी
ब्योला भी सूट-बूट मा ऐगी
गर्मिन भी कहर ढायूं
पैंतालीस पार तापमान जायूं
अर सैडा गौं मा खूब रौला मच्यूं
ईं गर्मि बल फगणू कू ब्यौ जुड्यूं।
ब्यौला की घुड़चढ़ी ह्वणी
धन्नो भी गर्मिन बिदगदी रैणी
तीं थैं भी जन ए. सी. चैणू
अर सैडा गौं मा खूब रौला मच्यूं
ईं गर्मि बल फगणू कू ब्यौ जुड्यूं ।
गुस्सा मा धन्नोन दुलत्ती दीनी
ब्यौला सीधा भ्वां पड़ी
दाँत टुट्यूं ,खुटा मा फ्रैक्चर होयूं
फगणू सिधा हॉस्पिटल मा पड्यूं
अर सैडा गौं मा फिर रौला मच्यूं
ईं गर्मि बल फगणू कू ब्यौ थै जुड्यूं।
*©®@नैना कंसवाल*
नैना कंसवाल
कवयित्री, उत्तराखंड
