कविता एक कविता शब्द नि हूंदी वाक्य नि हूंदी कुछ पंक्तियूं कू मेल नि हूंदी कविता जुकडी़...
काव्य / कला संस्कृति
झूठे वादे झूठी बातें झूठा प्यार नहीं करना झूठे वादे झूठी बातें झूठा प्यार नहीं करना। आँसू...
मैं हिमालय मैं हिमालय इस धरा का मान हूँ अभिमान हूँ मैं महज़ पर्वत नहीं हूँ हिंद ...
सपनों में सजा लूंगा तुमको शेर बना जज्बातों को, मैं गज़ल बना लूंगा तुमको, नैनो के निलय ...
ज़ख्म फिर से गहरे हो गए अहम और वहम धरे रह गए , जब लौट के घाव...
दिन भी अब द्वी चार रयां छिन गौं खाली ह्वे गीन अबता, कूड़ी मकड़ा जाल लग्या छिन...
तुम लिफाफे पे पता लिख देना उसमें तुम सिर्फ दुआ लिख देना आपकी शर्त सब क़ुबूल मुझे...
आधार छंद – मत्तगयंद सवैया मोहन मोहक माधव नाम यही मन को अति ही बहलाते। केशव माधव...
बीजे सक्या क्वी नि ब्वलदु बीज खुणे कि तू जमि जा। वु अपरी सक्या ल कबि कांडु,कबि...
*गर्मिन बिगाड़ी काम* ( व्यंग्यात्मक ) सैडा गौं मा खूब रौला मच्यूं ईं गर्मि बल फगणू कू...
